एक वर्ष में 100 करोड़ रुपये टर्नओवर का लक्ष्य हासिल करेगा साइलेज फेडरेशन धन सिंह रावत

18 अक्टूबर 2026
एक वर्ष में 100 करोड़ रुपये टर्नओवर का लक्ष्य हासिल करेगा साइलेज फेडरेशन धन सिंह रावत
मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना से 10 हजार से अधिक महिलाओं को मिल रहा सीधा लाभ, 2,500 से अधिक किसान जुड़े
देहरादून
उत्तराखण्ड सरकार की मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ग्रामीण महिलाओं को जंगलों में घास ढोने की कठिनाइयों से राहत देने, वन क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने तथा पशुपालकों को पौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए साइलेज फेडरेशन की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। इसी क्रम में रविवार को देहरादून के अजबपुर स्थित साइलेज फेडरेशन के नवनिर्मित कार्यालय का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पूजा-अर्चना एवं हवन के साथ किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि साइलेज फेडरेशन को आगामी एक वर्ष में 100 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साइलेज उत्पादन एवं वितरण की व्यवस्था से मक्का उत्पादक किसानों को बाजार उपलब्ध हो रहा है, महिलाओं को घास के बोझ से राहत मिल रही है और पशुओं को पौष्टिक आहार प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हुए राज्य के सभी प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों को परियोजना से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि किसानों को उनकी उपज का सीधा लाभ मिल सके। साथ ही, पशुपालकों को संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए टीएमआर (टोटल मिक्स्ड राशन) यूनिट स्थापित की गई है, जिसे शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इससे हरे चारे की कमी को पूरा करने तथा पशुओं के पोषण और दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
3.50 करोड़ रुपये के ऋण से शुरू हुआ कारोबार, अब 50 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर
साइलेज फेडरेशन ने वर्ष 2019 में उत्तराखण्ड सहकारी विकास परियोजना (यूकेसीडीपी) से प्राप्त 3.50 करोड़ रुपये के ऋण के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू किया था। प्रारंभिक चरण में 375 मक्का उत्पादक किसानों एवं एम-पैक्स के सहयोग से कार्य आरंभ किया गया। वर्तमान में फेडरेशन का वार्षिक टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। फेडरेशन द्वारा अब तक मक्का उत्पादक किसानों को 15 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
वर्तमान में 2,500 से अधिक किसान इस व्यवस्था से जुड़ चुके हैं, जबकि 10,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, लगभग 200 एम-पैक्स के माध्यम से पशुपालकों तक साइलेज पहुंचाया जा रहा है। साइलेज वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सहकारी समितियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में अब तक 2.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पशुपालकों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर
फेडरेशन का उद्देश्य किसानों की मक्का उपज का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराना है। टीएमआर यूनिट के संचालन से पशुओं को संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इससे चारे की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को कम करने और दुग्ध उत्पादन एवं उसकी गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिए जाने की जानकारी भी इस अवसर पर दी गई। फेडरेशन के विस्तार और मक्का उत्पादक जिलों को परियोजना से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ सहकारी संस्थाओं के लिए भी नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में साइलेज फेडरेशन के अध्यक्ष हर्षुल वर्मा, प्रबंध निदेशक श्रीमती मोनिका चुनेरा, संयुक्त निबंधक सुश्री रविंद्री मंदरवाल, महाप्रबंधक श्री सुमन कुमार, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के प्रबंधक श्री सुशील तिवारी, फेडरेशन के समस्त निदेशक एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।



